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व्रत के फायदे

नवरात्र व्रत के वैज्ञानिक कारण :-

नवरात्र व्रत के पीछे अकसर धार्मिक, आध्यात्मिक या सांस्कृतिक वजहें होती हैं लेकिन इसे मनाने का एक कारण और भी है जिसका वैज्ञानिक महत्व है।

वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ये सोचकर व्रत रखते हैं कि इसी बहाने उनका वजन कम हो जाएगा लेकिन कम ही लोगों को पता होगा कि व्रत करना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। नवरात्र प्रायः ऋतु संधिकाल में अर्थात् दो ऋतुओं के सम्मिलिन में मनाए जाते हैं। आचार्य मनीष जी के अनुसार इस समय में शरीर में वात, पित्त, कफ का समायोजन घट बढ़ जाता है। जिस वजह से शरीर की रोग प्रतिरोध क्षमता कम हो जाती है और शरीर में बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। इस समय में यदि व्रत किया जाए तो शरीर के दोषों से मुक्ति पाई जा सकती है, इसलिए नौ दिन जप, उपवास, साफ-सफाई, शारीरिक शुद्धि, ध्यान, हवन इत्यादि कर वातावरण को शुद्ध किया जा सकता है। व्रत अगर ढंग से रखा जाए तो यह सेहत के लिहाज से काफी फायदेमंद साबित होता है, लेकिन अगर व्रत ठीक से ना रखा जाए तो यह सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में सही तरीके से व्रत रखना बहुत जरूरी है। व्रत के दौरान साफ-सफाई और खाने-पीने की चीज़ों पर विशेष ध्यान दें।

आचार्य मनीष जी के अनुसार व्रत रखने से फायदे :-

 रोगों से मुक्ति :-

व्रत कई तरह के रोगों से मुक्ति का रास्ता है। इससे सांस लेने की क्रिया ठीक होती है। फेफड़ों की सफाई हो जाती है। उपवास रखना हृदय के लिए बहुत अच्छा माना गया है। यह कैलोस्ट्रोल के स्तर को घटाता है। अर्थराइटिस, अस्थमा, इरिटेवल बॉवेल, आदि बीमारियों में यह कारगर है।

व्रत करने से विभिन्न प्रकार के रोगों से मुक्ति पाई जाती है, जैसे की व्रत हृदय के लिए बहुत अच्छा माना गया है। इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल घटता है।

सहनशक्ति प्रदान करना :-

व्रत करने से सहनशक्ति बढ़ती है, इससे इन्द्रियों को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है और मन को शांति मिलती है।

नई ऊर्जा का स्त्रोत :-

व्रत करने से शरीर में नई ऊर्जा का एहसास होता है, शरीर हल्का महसूस करता है, आलस्य खत्म होता है,  शरीर के विकार खत्म होते है। नई ऊर्जा के माध्यम से शरीर में स्फूर्ति, तन और मन दोनों शुद्ध होते है।

पाचन क्रिया का अच्छा होना :-

व्रत रखने से शरीर की पाचन क्रिया को आराम मिलता है और मेटाबॉलिक रेट बढ़ जाता है।

पेट में जमी गंदगी की सफाई :-

पेट की अम्लता साफ़ होती है, पेट में जमी गंदगी के साथ आंतो की सफाई भी होती है। खून में शुद्धता आती है।

दिमाग तेज़ होता है :-

व्रत रखने से दिमाग तेज़ होता है, याददश्त बढ़ती है। इससे चिंता, अवसाद कम होता है। मन को शांति मिलती है और इच्छा शक्ति बढ़ती है।

आचार्य मनीष जी के अनुसार व्रत में क्या खाएं क्या ना खाएं :-

 नवरात्र के दौरान फल, सलाद, हरी सब्जियां, नारियल पानी, बीज, ड्राई फ्रूट्स जैसे कि काजू, पिस्ता, किशमिश, अखरोट खा सकते हैं। इन चीजों को खाने से पेट पूरा दिन भरा-भरा रहेगा और भूख भी कम लगेगी। साथ ही शरीर की डिटॉक्सीफिकेशन भी होगी।

नौ दिनों के दौरान सादे भोजन का सेवन करें ।

इस दौरान अधिक तला-भुना खाना नहीं खाएं इससे शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ती है।

फलों से बने जूस का सेवन करना व्रत में बहुत लाभकारी रहता है।

 

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