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यूरिन रोकना है शरीर के लिए खतरनाक जाने आज

क्या आपको काम करते समय घर या ऑफिस में या फिर सफर करने के दौरान यूरिन रोकने की आदत है ? क्या आप ऐसा आलस्य के कारण करते हैं या किसी कारणवश करते हैं ?यदि आपका जवाब हाँ में हैं तो आप अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहें हैं इसलिए हो जाए सतर्क। आज हम आपको बताएँगे की यूरिन क्यों नहीं रोकना चाहिए और इसके शरीर पर क्या और कैसे दुष्प्रभाव होते हैं :-

यूरिन रिलीज़ करना शरीर की एक सामान्य परिक्रिया है। जब यूरिन ब्लैडर में भर जाता है तो प्रक्रिया तंत्र दिमाग को संकेत पहुंचाता है और दिमाग यूरिन को रिलीज़ करने का संकेत देती है। लेकिन अक्सर अपने लोगों में ये आदत देखी होगी यूरिन रोकने की। जबकि वो इस बात से वाकिफ होते हैं की यूरिन रोकना स्वास्थ्य के लिए कितना नुकसानदेह है ।

लेकिन आदत और आलस्य के कारण कुछ प्रतिशत के लोग अपने शरीर के साथ खिलवाड़ करते है। जिसके कारण शरीर में विभिन्न प्रकार के रोग लगते हैं । इसी प्रकार से यदि आप बार बार या फिर किसी कारणवश यूरिन को रोकते हैं तो ये आपके लिए घातक साबित हो सकता है।

यूरिन के माध्यम से शरीर की तमाम तरह की अशुद्धियां बाहर निकल जाती हैं। सामान्यतया हर एक मिनट में 1-2 एमएल यूरिन ब्लैडर में पहुंचता है। अगर यह थोड़े वक्त भी शरीर में रह जाए तो संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन कुछ लोग मिनटों-घंटो तक यूरिन को रोक कर रखते हैं। जो सीधे सीधे शरीर के आंतरिक अंगो को दुष्प्रभावित करते हैं।

यदि कोई बहुत देर तक यूरिन को रोक के रखता है तो इससे यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है। यानी की मूत्र मार्ग में संक्रमण महिलाओं को होने वाली बीमारी है इसे यूटीआई नाम से भी जाना जाता है। इसके साथ साथ ब्लैडर में सूजन आने का खतरा बढ़ जाता है जिसकी वजह से हर समय दर्द बना रहता है और रिलीज़ करने के दौरान तेज दर्द का अनुभव होने लगता है।

बहुत अधिक देर तक यूरिन रोक कर रखने से किडनी पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। कई बार तो किडनी फेल होने का भी खतरा बना रहता है।

यूरिन में कई तरह के यूरिया और अमिनो एसिड जैसे विषैले पदार्थ होते हैं जिनका शरीर से बाहर निकलना बहुत जरूरी है लेकिन ब्लैडर खाली करने में तीन से चार मिनट की देरी वजह से यूरिन दोबारा किडनी में वापस जाने लगता है जिसे रिटेंशन ऑफ़ यूरिन कहते हैं इससे विषैले तत्व किडनी के आस-पास इकट्ठे हो जाते हैं और गुर्दे में पत्थरी की शुरुआत होने लगती है।

ज्यादा देर यूरिन रोकने से यूरिन का रंग बदलने लगता है साथ ही मांसपेशियां कमज़ोर होने लगती है और यूरिन रिलीज़ करने की क्षमता भी घट जाती है ।

जितना लंबे समय तक आप यूरीन को रोक कर रखेगें, आपका ब्‍लैडर बैक्‍टीरियों को अधिक विकसित कर कई प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य जोखिम का कारण बन सकता है।

 

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